
बिटकॉइन में निवेश करने पर पर सात साल तक की सजा संभव
बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्रा में निवेश करने वाले हो जाएँ सावधान, केंदर सरकार आभासी मुद्रा के खिलाफ धन शोधन कानून के तहत कारवाही करने की तैयारी मैं है, जिसमें तीन से सात साल की सजा का प्रावधान होगा।
वित् मंत्री अरुण जेटली दवारा आम बजट मैं आभासी मुद्रा को गैर कानूनी करार दिया है और वित् मंत्रालय ने यह सक्रियता दिखाई है। वित् मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा के बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्रा को लेकर पहले यह स्पष्ट नहीं था के किस कानून के तहत इनके खिलाफ करयवाही की जाये , लेकिन इसको गैर कानूनी घोषित करने के साथ साथ इसे धनशोधन कानून के दायरे मैं लेन की भी सहमति दे दी है।
इसमें आभासी मुद्रा से की गयी कमाई देश से बहार छिपाने पर मुक़दमा चलने का प्रस्ताव है।
इस कानून मैं तीन से लेकर सात साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है।
जवाबदेही ख़तम : अधिकारी के मुताबिक इसको गैर कानूनी करार देने से इसमें निवेश करने वालों के प्रति सर्कार की जवाबदेही हर तरह से ख़तम हो गयी है। वही आभासी मुद्रा को गैर कानूनी करार देने से बिटकॉइन की कीमतों मैं भारी गिरावट आयी है. 18 दिसंबर को इसकी कीमत 19511 डॉलर थी। जो 3 फरवरी को 8498 डॉलर के आस पास रही।
करयवाही क्यूँ : भारत मैं इसका चलन नोटबंदी के बाद बढ़ा , दुनिया मैं आभासी मुद्रा मैं होने वाले 10 लेनदेन मैं से एक भारत का होता था। गैर कानूनी घोषित किये जाने के बाद इसकी कीमतों मैं भरी गिरावट आयी है। बजट घोषणा के बाद इसका मुलय 9100 डॉलर पर आ गया है।
विज्ञापन पर पाबन्दी : सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और इंस्टाग्राम ने आभासी मुद्रा के विगयपन पर प्रतिबन्ध लगा दिया है , ता के इससे हो रहे गैर कानूनी कारोबार से खुद की छवि को ख़राब होने से बचाया जा सके। और दूसरी सोशल साइट्स भी इस पर विचार कर रही हैं।
- भारत मैं 5 लाख लोगों को किया नोटिस जारी।
- भारत का 10 % हिस्सा पूरी दुनिया मैं आभासी मुद्रा के कारोबार मैं।
- चीन , स्वीडन , थाईलैंड और वियतनाम मैं बिटकॉइन पर प्रतिबन्ध।
- अमेरिका ने भी क्रिप्टो करंसी एजेंसी को जारी किया नोटिस
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